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फ्री में सरकारी इलाज बंद:अस्पतालों में बेड फुल, आरडी गार्डी में शुरू हुआ इलाज
कोरोना की दूसरी लहर में मरीज बढ़ने से कोविड हॉस्पिटल माधवनगर व कोविड सेंटर चरक अस्पताल के बेड मरीजों से भर जाने के बाद संक्रमितों का इलाज फिर से आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में शुरू कर दिया गया है। यहां सिर्फ आयुष्मान कार्डधारी मरीजों का ही मुफ्त इलाज हो पाएगा। अलावा दूसरे मरीजों को इलाज का शुल्क चुकाना होगा। दूसरी लहर में मरीजों की संख्या बढ़कर 5864 हो गई है तथा एक्टिव मरीज 404 हो गए हैं। मरीज बढ़ने से माधवनगर हॉस्पिटल में 122 बेड भर गए हैं, अब कोई बेड खाली नहीं है। निजी अस्पतालों में भी बेड उपलब्ध नहीं है।
कोविड सेंटर चरक अस्पताल में भी सभी 75 बेड भर गए हैं। ऐसे में जिला प्रशासन और राज्य शासन को फिर से मेडिकल कॉलेज अस्पताल की सेवाएं लेना पड़ी है। इस अस्पताल से शासन का 28 फरवरी को अनुबंध समाप्त हो गया था। उसके बाद से मरीजों का मुफ्त में इलाज बंद हो गया था। अब मेडिकल कॉलेज में 200 बेड उपलब्ध करवाए गए हैं।
यहां सिर्फ आयुष्मान कार्डधारी मरीजों को मुफ्त इलाज मिल सकेगा, बाकी मरीजों को शुल्क चुकाना होगा। वर्तमान में यहां 12 मरीजों को भर्ती किया है। मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. सुधाकर वैद्य ने बताया आदेश के तहत आयुष्मान कार्डधारी कोविड मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है। दूसरे मरीजों को शुल्क देना होगा। उनका कहना है बाकी मरीजों को भी कम दर पर ही सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। शासन के जो आदेश होंगे, उसके अनुसार अस्पताल की व्यवस्थाएं रहेंगी।
एक्सपर्ट व्यू; डॉ. एचपी सोनानिया नोडल अधिकारी कोविड-19
कोराेना की पहली लहर में जिस तरह से मरीज बढ़े थे, उसी तरह दूसरी लहर में भी कोविड के मरीज बढ़ रहे हैं। एक्टिव मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 400 के पार हो गया है। ऐसे में पूर्व की तरह ही हालात हो सकते हैं। मरीजों की संख्या दोगुना हो सकती है। लोगों की एक-दूसरे से कनेक्टिविटी जब तक कम नहीं होगी, तब तक संक्रमण का खतरा बना रहेगा। कोरोना की चेन को ब्रेक करने के लिए जरूरी है कि लोग एक-दूसरे के संपर्क में आने से बचें। यात्राओं पर भी जाने से बचना चाहिए। एक-दूसरे से संपर्क तोड़ने से ही संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
लोगों को प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। ताजा अध्ययनों में पाया गया है कि दूसरी लहर में एक मरीज सात लोगों को संक्रमित करता है। संदेही मरीज दूसरे लोगों के संपर्क में आएंगे तो संक्रमण बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि बाहरी क्षेत्रों से यात्रियों का आना-जाना लगा हुआ है। बाजार में भीड़ बनी हुई है। सार्वजनिक स्थान और सार्वजनिक कार्यक्रमों में लोग शामिल हो रहे हैं, जिससे संक्रमण बढ़ता जा रहा है।
कोरोना विस्फोट…अब तक सबसे ज्यादा 83 पॉजिटिव मरीज, एक मरीज की मौत
कोरोना की दूसरी लहर में अब तक का सबसे बड़ा विस्फोट हुआ है। गुरुवार को 83 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। इनके साथ ही उज्जैन में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 5947 हो गई है तथा एक्टिव मरीज बढ़ कर 465 हो गए हैं। जिनमें 251 मरीज लक्षण वाले हैं। गुरुवार को एक और मरीज की मौत हुई है। इसके साथ ही मरने वालों की संख्या बढ़कर 108 हो गई है। मार्च माह में ही यह लगातार पांचवीं मौत है। कोविड हॉस्पिटल माधवनगर नगर में इलाज करवा रहे मलेरिया विभाग के कर्मचारी की गुरुवार सुबह 6 बजे मौत हुई है।
हाउसिंग बोर्ड के इंजीनियर की भी भोपाल के प्राइवेट हॉस्पिटल में मौत हुई है हालांकि दूसरे जिले में हुई मौत की वजह से इस मौत को सरकारी आंकड़ों में नहीं जोड़ा गया है। हेल्थ बुलेटिन के अनुसार गुरुवार को 1371 लोगों की रिपोर्ट आई है, जिनमें शहरी क्षेत्र के 82 तथा तराना के एक मरीज सहित 83 मरीज संक्रमित पाए गए हैं। कोरोना काल की शुरुआत से अब तक यह पहला मौका है जब एक ही दिन में 83 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके साथ ही उज्जैन लॉकडाउन की ओर बढ़ चला है। मार्च 2020 से लेकर अब तक इतने मरीज एक ही दिन में पॉजिटिव नहीं पाए गए। गुरुवार को 21 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। इनके साथ ही 5374 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।